वेब रचना (Web Designing)
आधारभूत वेब अवधारणाएं- भाग 1 (Basic web concepts - part 1)
नीरज बाली द्वारा Jan.10, 2010 को, वेब रचना (Web Designing) श्रेणी के अंतर्गत
डोमेन-नाम, वेब सर्वरों के लिए एक परिचय, और वेबसाइट होस्टिंग
इस अनुच्छेद में मैं आप को बहुत संक्षिप्त में कुछ उपयोगी बातें बताने जा रहा हूँ, ये सब उन छात्रों के लिये है जो इस विषय में नये हैं. मैं बहुत विस्तार में नहीं जाऊँगा ताकि आप भ्रमित ना हों और आप को पर्याप्त बुनियादी समझ प्राप्त हो.
वेब क्या है?
संक्षेप में, वेब परस्पर कंप्यूटरों का एक पूरा गुच्छा है जो एक दूसरे से बात करते रहते हैं. ये कंप्यूटर (वेब पर) आमतौर पर फोन लाइन, डिजिटल उपग्रह संकेतों, केबल, और डेटा (सूचना) के अन्य प्रकार के हस्तांतरण-तंत्र से जुड़े हुए हैं. एक ‘डाटा-हस्तांतरण’ तंत्र द्वारा ही सूचनाओं को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा जाता है. वह सभी कंप्यूटर, जो परस्पर मिल कर एक वेब का निर्माण करते हैं, हर समय (24/7) आपस में जुड़े रहते हैं या उन को समय-समय पर जोड़ा जा सकता है. वे कंप्यूटर जो हमेशा एक दूसरे के साथ जुड़े हुए हैं, सर्वर (सूचना परोसनेवाले) कहलाते हैं. सर्वर मात्र एक कंप्यूटर ही होता है लेकिन साधारण कंप्यूटर और सर्वर में प्रमुख अंतर ये है कि सर्वर में कुछ विशेष सॉफ़्टवेयर स्थापित किये गये होते हैं जिनको ‘सर्वर सॉफ्टवेयर’ कहते हैं.
सर्वर सॉफ्टवेयर का काम क्या है?
सर्वर सॉफ्टवेयर वेब पेज और वेब साइटों को दिखाने का काम करते हैं. मूल रूप से, सर्वर कंप्यूटर वेब साइटों से भरे होते हैं और बस लोगों द्वारा वेब पेज दिखाने का अनुरोध (वेब ब्राउज़र के जरिए) आने के लिए प्रतीक्षा करते हैं. जब ब्राउज़र (इंटरनेट देखने की खिड़की) किसी पृष्ठ को दिखाने का अनुरोध भेजता है तो सर्वर इसे बाहर दिखाये जाने के लिए भेजता है.
वेब सर्फर (वेब साइट देखने वाला ) एक वेब साइट की खोज कैसे करता है?
इस का संक्षिप्त उत्तर है, URL को टाइप करके, या दूसरे शब्दों में, वेब साइट के पते को टाइप करके. उदाहरण के लिए, यदि आप www.neerajbali.com वेब साइट की खोज करना चाहते हैं तो आप वेब ब्राउज़र के ’एड्रेस-बार’ (पता-पट्टी) में इस पते को टाइप करके ‘की-बोर्ड’ पर ‘एनटर बटन’ दबाएंगे.
दूसरे तरीकों से भी वेब साइटों को खोजा जा सकता है जैसे कि खोज-इंजन (सर्च-इंजन), परन्तु परदे के पीछे, वेब साइटों को उनके पते के द्वारा ही खोजा जाता है. अब हमारे सामने सवाल आता है कि एक वेबसाइट के लिए एक आधिकारिक पता (डोमेन नाम) कैसे प्राप्त किया जाता है ताकि बाकी लोग वहाँ पहुंच सकें? सो आगे पढ़ें…
डोमेन नाम क्या है?
डोमेन नाम वेब साइट का पहचान लेबल होता है, जैसे हम सभी का कोई नाम होता है. डोमेन नाम वैसे तो अक्षर और संख्याओं द्वारा निर्मित होता है लेकिन असल में ये छिपी हुई संख्याओं से बनता है जिन्हें आईपी संख्याएं भी कहा जाता है. एक नाम का केवल एक ही डोमेन हो सकता है.
डोमेन नाम को दर्ज करना
जी हां, अगर आप डोमेन-नेम दर्ज करवाना चाहते हैं तो उस के लिए एक वार्षिक शुल्क देनी होगी. एक एक डोमेन नाम को दर्ज करवाने से हमें अपनी वेब साइट के लिए वर्ल्ड वाइड वेब (इंटरनेट) पर एक आधिकारिक पता प्राप्त हो जाता है. इस आधिकारिक पते की सहायता से ही सारी दुनिया के लोग हमारी वेब साइट पर पहुंच पाते हैं, आप के घर के पते की तरह. इंटरनेट पर कोई प्रतिरूप पते (डुप्लीकेट डोमेन ) नहीं हो सकते अन्यथा वेब ब्राउज़र को पता नहीं चलेगा कि कहाँ जाना है. दूसरे शब्दों में, डोमेन-नेम वेब पर अनन्य (यूनीक) पते होते हैं.
एक डोमेन-नेम को दर्ज करने में पैसे क्यों लगते है?
डोमेन नाम दर्ज करने की लागत कम से कम 10 अमरीकी डालर से लेकर लगभग 30 डॉलर प्रति वर्ष के बीच होती है. आप 1 से 10 साल के लिए एक डोमेन रजिस्टर कर सकते हैं. लागत के लिए कारण है कि दुनिया की ‘केंद्रीय डोमेन-नेम पुस्तिका’ को अद्यतन (अपडेट) की जरूरत होती है और किसी को उस के लिए भुगतान तो करना ही होगा. आपने गौर किया होगा कि मैनें पिछले वाक्य में जानकारी का एक और् टुकड़ा ‘डोमेन-नेम पुस्तिका’ (web address book of domains) के रुप में जोड़ा है, तो अब इस के बारे में बताना भी जरुरी हो जाता हैः एक वेबसाइट के डोमेन नाम को जब आप टाइप करते हैं या एक लिंक पर क्लिक करते हैं जोकि आप को उस डोमेन पर ले जाता है, इस समय आपके ब्राउज़र डोमेन-सर्वर से पूछते हैं कि वह विशेष डोमेन-नेम किस वेब-सर्वर पर बैठा है और तब डोमेन-सर्वर ब्राउज़र को, विशाल डोमेन-नेम-पुस्तिका से पढ़ कर बताता है कि कहाँ जाना है.
मैं बहुत जल्दी ही इस विषय का भाग-2 प्रकाशित करूंगा…

